सत्ता के गलियारे

सत्ता के गलियारे

Monday, April 27, 2009

खबरों की मुरम्मत

चुनावी मौसम पूरे रंग में है वादों की वर्षा हो रही है प्रतिद्वंदी एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगा रहे हैं अपनी कार्य कुशलता का तो पता नहीं लेकिन दूसरों की कार्यकुशलता का जायजा लिया जा रहा है तो प्रस्तुत है पिछले कुछ हफ्तों से हमारे देश के गणमान्य लोगों द्वारा दिए गए कुछ ब्यान

सबसे पहले देश की सर्वशक्तिशाली नारी

सोनिया गाँधी: निर्दालिये उम्मीदवारों को वोट देना वोट ख़राब करने के बराबर है
अरे मैडम अगर आप अच्छे उम्मीदवारों को टिकेट देंगी तो वोटर बेचारा निर्दालिये को वोट क्यों देगा अब मिसाल के तोर पे अमृतसर से श्री शाम लाल गाँधी एक निर्दालिये उम्मीदवार हैं जो साइकिल पर घर घर जाकर प्रचार करते हैं और उनके प्रतिद्वंदी हेलीकॉप्टर में उड़कर प्रचार करते हैं तो बताइए देश का सच्चा हितेषी कौन हुआ लेकिन बेचारे गाँधीवादी विचारों वाले शामलाल जी जो सादगी का प्रचार कर रहे हैं उन्हें तो गाँधी जी को और उनकी विचारधारा को अपनी सम्पति समझाने वाली कांग्रेस ने अपनाया भी नहीं और ऊपर से मैडम सोनिया ने ये भी बोल दिया की ऐसे उम्मीदवार को वोट भी मत दीजिये शायद सोनिया जी ये कहना चाहती हैं की जिस उम्मीदवार को उन्होंने चुना है वोही जनता का भला कर सकता है और भारत के साधारण नागरिक अपने लिए किसी को चुन ही नहीं सकते














अमृतसर से निर्दलिये उम्मीदवार शामलाल गाँधी प्रचार करते हुए

मायावती : प्रधान मंत्री दलित की बेटी को बनना चाहिए
केवल दलित की बेटी ही क्यों बेटा क्यों नहीं मायावती जी आप सीधे सीधे क्यों नहीं कहती की अब आपको प्रधान मंत्री बनना है वैसे ये भी बता दीजिये की आप प्रधान मंत्री बनने के बाद अपने जनम दिवस पे कितना खर्चा करने वाली हैं

नरेन्द्र मोदी : अडवाणी २०१४ में भी प्रधान मंत्री पद के उम्मीदवार
मोदी साहिब पहले अडवाणी जी की आयु तो देखिये क्या वो तब तक अपनी टांगों पे खड़े हो पाएंगे

करूणानिधि : जब तक श्री लंका सरकार लिट्टे के विरुद्ध करवाई नहीं रोक देती तब तक भूख हरताल
जनाब कभी आपने अपने राज्य के लोगों के लिए इतनी गंभीरता से सोचा है आपके अपने राज्य में किसान आतम हत्या करने पे मजबूर हैं पहले आप उन्हें तो बचाइए

प्रियंका गाँधी : नेहरू गाँधी परिवार के लिए राजनीति देश सेवा है ना की व्यापार
प्रियंका जी देश सेवा गरम सड़कों पे चल कर होती है वातानाकूलित गाड़ियों में घूम कर नहीं और देश सेवा तो इमर्जेंसी और बोफोर्स घोटाले से ही सिद्ध हो जाती है ज़रा राहुल बाबा से बोलिए की एक दिन की जगह एक साल के लिए दिल्ली की यमुना नदी के पास की झुग्गी में रहे तो पता चलेगा वहां के लोगों की तकलीफ ये वोही यमुना नदी है जिसे आपकी कांग्रेस पार्टी ना जाने कितने सालों से साफ़ करवा रही है

मित्रो मुझे माफ़ कीजियेगा अगर में कुछ ज्यादा बोल गया हूँ परन्तु सचाई यही है की देश सेवा का ढोंग ये नेता लोग
सिर्फ़ वोट मिलने तक करते हैं उसके बाद तो यह दिखाई भी नहीं देते

आपका आभारी,
उत्तम गर्ग